

कवर्धा – छग टीचर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाध्यक्ष रमेश कुमार चन्द्रवंशी के नेतृत्व में कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर आगामी लोकसभा निर्वाचन में शिक्षकों व कर्मचारियों का प्रशिक्षण ब्लॉक मुख्यालय में कराए जाने सहित कई मांग व सुझाव दिए हैं. कलेक्टर की ओर से निर्वाचन पर्यवेक्षक संतोष चन्द्राकर ने ज्ञापन स्वीकार किया. एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि मतदान दल के अधिकारियों को सामान्यतः तीन चरणों में प्रशिक्षण दिया जाता है. सभी कर्मचारियों का प्रशिक्षण जिला मुख्यालय में कराए जाने से कर्मचारियों-अधिकारियों को दूरदराज से आना-जाना पड़ता है. वर्तमान में पंडरिया से पोंडी तक मार्ग निर्माणाधीन होने के कारण खराब है. अतः दो चरण का प्रशिक्षण ब्लॉक मुख्यालय पंडरिया, बोड़ला, स. लोहारा व कवर्धा में कराया जावे. विगत विधानसभा चुनाव में मतदान दल का परिचय नहीं कराए जाने के कारण सामग्री वितरण स्थल में मतदान दल के सदस्यों को ढूंढने के लिए परेशान होना पड़ा था. अतः इस बार अंतिम प्रशिक्षण में मतदान दल के सदस्यों का परिचय जरूर कराया जावे. दिव्यांग, गंभीर बिमारी से पीड़ित, साठ साल से अधिक उम्र, तीन वर्ष से कम उम्र के बच्चे वाले महिला एवं गर्भवती महिला कर्मचारियों को मतदान दल से मुक्त रखा जावे. महिला कर्मचारियों की ड्यूटी मतदान दल में यथासंभव न लगाया जावे, यदि जरुरी हो तो उनके कार्यस्थल से पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित मतदान केंद्र में ही लगाया जावे. शिक्षक संवर्ग को मतदान दल में पदानुरूप दायित्व दिया जावे. शिक्षकों व कर्मचारियों की ड्यूटी एक से अधिक दायित्व में न लगाया जावे. विगत विधानसभा निर्वाचन के समय निर्वाचन कार्यालय से निर्देश जारी किए जाने के बाद भी कई मतदान केन्द्रों खासकर नगरीय निकाय में मतदान दलों के आवास व भोजन के लिए समुचित व्यवस्था नहीं किया गया था. इस संबंध में पहले से समुचित निर्देश प्रसारित किया जावे. प्रायः देखा जाता है कि मतदान दल में केवल शिक्षक संवर्ग की ही ड्यूटी लगाया जाता है, जबकि जिले में कई विभाग संचालित है. सभी विभाग के कर्मचारियों-अधिकारियों की ड्यूटी मतदान दल में अनुपातिक रूप से लगाया जावे. इस दौरान प्रमुख रूप से एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष रमेश कुमार चन्द्रवंशी, केशलाल साहू, राजेश तिवारी, उमेश चन्द्रवंशी, गोकुल जायसवाल, देवानंद चन्द्रवंशी, लक्ष्मण मिरी, राजकिरण चन्द्रवंशी, विनोद राजपूत, जयप्रकाश चन्द्रवंशी, चतुर मेरावी, गोपी साहू, बद्री चन्द्रवंशी, राजेन्द्र निर्मलकर, रमेश ध्रुव, रोहित चन्द्रवंशी, नरेंद्र चंद्रोल, जयन्त बैस, विजय लांझियाना आदि उपस्थित रहे.




