
कवर्धा – प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादा ज़िन्दा, सल्फी और सहसपुर लोहारा द्वारा 14 नवंबर 2025 को जारी आदेश में तीन सहकारी समिति प्रबंधक जिंदा घनश्याम चन्द्रवंशी, सहसपुर लोहारा गंगादास मानिकपुरी और चिल्फी मनोज चन्द्राकर को अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाही बरतने पर सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है। जारी आदेश के अनुसार संबंधित कर्मचारी को पूर्व में कार्यालयीन पत्र के माध्यम से तत्काल कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था, परंतु निर्धारित तिथि तक वह उपस्थित नहीं हुआ। इसके पश्चात अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत उसे कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था। कर्मचारी द्वारा न तो कार्यालय में उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण दिया गया और न ही कारण बताओ नोटिस का जवाब प्रस्तुत किया गया। इससे समिति के धान उपार्जन कार्य, ऋण वितरण, खाद एवं बीज वितरण जैसी महत्वपूर्ण गतिविधियाँ प्रभावित हुईं और किसानों को असुविधाओं का सामना करना पड़ा। इस गंभीर कदाचार को ध्यान में रखते हुए बोर्ड की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लेते हुए कि सेवा नियमों की कंडिका 16 के तहत लोकहित में व्यापक कार्य में बाधा डालने के कारण सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त किया गया
शासन ने लगाया एस्मा, अनुपस्थिति पर सख्त कार्रवाई तय
छत्तीसगढ़ सरकार ने धान खरीदी कार्य को किसी भी परिस्थिति में बाधित न होने देने के लिए बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। धान खरीदी केंद्रों में कार्यरत सहकारी समितियों के कर्मचारियों की हड़ताल को देखते हुए सरकार ने एस्मा लागू कर दिया है। धान उपार्जन जैसे महत्वपूर्ण दायित्व को रोकना या प्रभावित करना किसानों के हितों पर सीधा असर डालता है। इसलिए इस हड़ताल को अवैध मानते हुए सभी कर्मचारियों को तत्काल कार्य पर लौटने के निर्देश जारी किए गए हैं। स्पष्ट किया है कि यदि हड़ताल पर गए कर्मचारी सोमवार तक अपनी ड्यूटी पर वापस नहीं लौटते, तो उनके खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।




