
पंडरिया :- पंडरिया ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत डोमानपुर के आश्रित ग्राम दामापुर में विकास कार्यों की स्थिति और पंचायत प्रतिनिधियों की कार्यशैली को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
स्थानीय ग्रामीणों ने पंचायत प्रशासन की उदासीनता और कथित लापरवाही को उजागर करते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में मूलभूत सुविधाओं के नाम पर आए पैसों का कोई स्पष्ट हिसाब-किताब नहीं है।
सरपंच की कार्यशैली पर खड़े हुए सवाल
ग्राम पंचायत डोमानपुर की महिला सरपंच जानकी चंद्राकर (पति व सरपंच प्रतिनिधि हेमंत चंद्राकर) की कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीणों में असमंजस और गुस्सा है। ग्रामीणों का आरोप है कि जब किसी विकास कार्य या पंचायत की गतिविधियों के संबंध में सरपंच/प्रतिनिधि से जानकारी मांगी जाती है, तो वे जिम्मेदारी लेने के बजाय अनभिज्ञता जाहिर करते हैं। ग्रामीणों ने तंज कसते हुए सवाल उठाया है कि आखिर पंचायत का वास्तविक संचालन किसके दबाव में और कौन कर रहा है?
2 साल से जर्जर पड़ा मंगल भवन, उठ रहे गंभीर सवाल
ग्राम दामापुर स्थित मंगल भवन की दुर्दशा ग्रामीणों के आक्रोश का मुख्य कारण बनी हुई है।
पिछले 2 वर्षों से इस मंगल भवन की मरम्मत का कोई कार्य नहीं कराया गया है।
रख-रखाव न होने के कारण भवन पूरी तरह से जर्जर और बदहाल स्थिति में पहुंच चुका है।
भवन की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि वहां बैठने या किसी सामाजिक कार्यक्रम के आयोजन तक की जगह नहीं बची है।
साक्ष्यों के साथ कलेक्टर कार्यालय का घेराव करने की तैयारी
नाराज ग्रामीणों का कहना है कि वे गांव की इस बदहाली, जर्जर मंगल भवन और अन्य अधूरे/कागजी कार्यों के फोटो एवं वीडियो साक्ष्य के रूप में एकत्र कर चुके हैं। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सचिव और सरपंच प्रशासन द्वारा स्वीकृत मूलभूत निधि का ब्यौरा और कार्यों की स्थिति स्पष्ट नहीं करते हैं, तो वे इन सभी वीडियो और फोटो साक्ष्यों को लेकर सीधे कलेक्टर कार्यालय का रुख करेंगे और लिखित शिकायत दर्ज कराएंगे।
ग्राम दामापुर के निवासियों ने पंचायत सचिव एवं सरपंच प्रतिनिधि से जवाब मांगा है कि आखिर किसके दबाव में आकर विकास कार्यों की अनदेखी की जा रही है और जनता के पैसों का इस्तेमाल कहां किया गया है।




