
कवर्धा – छ्ग टीचर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाध्यक्ष डॉ. रमेश कुमार चन्द्रवंशी के नेतृत्व में कलेक्टर के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री, स्कूल शिक्षा मंत्री, मुख्य सचिव, स्कूल शिक्षा सचिव, लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक तथा छ्ग के जनगणना निदेशक के नाम दो अलग-अलग ज्ञापन सौंपा गया। कलेक्टर की ओर से एडिशनल कलेक्टर नरेंद्र पैकरा ने ज्ञापन स्वीकार किया। मुख्यमंत्री को दिए पहले ज्ञापन में लोक शिक्षण संचालनालय के परीक्षा संबंधी निर्देश को दरकिनार करते हुए पांच जिलों कबीरधाम, धमतरी, बालोद, दुर्ग व बलरामपुर में हुबहू एक जैसे प्रश्न-पत्र से परीक्षा लेने की उच्च स्तरीय जांच की मांग ने इस मुद्दे को गरमा दिया है। दरअसल मामला यह है कि लोक शिक्षण संचालनालय रायपुर ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारी को अपने-अपने जिले के लिए अलग-अलग प्रश्न-पत्र बनवाकर मुद्रण कराने का निर्देश दिया था, लेकिन इन पांच जिले के जिला शिक्षा अधिकारी ने हुबहू एक जैसे प्रश्न-पत्र प्रिंट करा लिया। बालोद जिले ने सारी हदें पार करते हुए अन्य चार जिले में दो दिन पहले हुए प्रश्न-पत्र से ही परीक्षा ले लिया। शिक्षा जैसे पुनीत कार्य में लीपापोती का यह मामला पूरे प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था के लिए प्रश्न चिन्ह खड़ा कर दिया है। यह मामला तब सामने आया है, जब प्रदेश में इस सत्र मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान चलाया जा रहा है। दूसरे ज्ञापन के माध्यम से माह मई में 45 से 46 डिग्री सेल्शियस तापमान की संभावना से पड़ने वाले भीषण गर्मी व हीट वेब को दृष्टिगत रखते हुए जनगणना-2027 संबंधी कार्य माह मई-2026 के बजाय जुलाई या अगस्त-2026 में कराने की मांग किया गया है। इसमें शामिल अन्य मांगों में जनगणना कार्य में लगे शिक्षकों व अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ कोई गंभीर घटना-दुर्घटना होने पर एक करोड़ रुपये तक की बीमा सुरक्षा देने की मांग किया गया है। इस दौरान प्रमुख रूप से एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष डॉ. रमेश कुमार चन्द्रवंशी, केशलाल साहू, वकील बेग मिर्जा, गोकुल जायसवाल, विनोद राजपूत, अरविंद कुंजाम, लक्ष्मण चंद्रवंशी, भूपेंद्र साहू, चिंता पटेल, प्रहलाद सिन्हा, शिव धुर्वे, लक्ष्मण मीरी, माधवेश केसरी, भानू मिश्रा आदि उपस्थित रहे।
35 से 40 किलोमीटर में लगा जनगणना ड्यूटी
टीचर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष डॉ. रमेश कुमार चन्द्रवंशी ने बताया कि जिले में जनगणना प्रगणक व पर्यवेक्षक में शिक्षकों की ड्यूटी लगाया गया है, जिसमें कई शिक्षकों को मूल पदस्थ स्कूल से 30 से 40 किलोमीटर दूरी में प्रगणक बना दिया गया है। इससे मई के भीषण गर्मी में आने-जाने के साथ ही नए स्थान में जनगणना संबंधी कार्य करने में कई प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। उदाहरण स्वरूप बोड़ला ब्लॉक के शासकीय प्राथमिक शाला झोला में पदस्थ सहायक शिक्षक संतोष कुमार श्याम को 40 किलोमीटर दूर स्थित गांव अन्धरीकछार में प्रगणक कार्य दिया गया है। इसी ब्लॉक के प्राथमिक शाला मण्डलाकोन्हा में पदस्थ सहायक शिक्षक प्रह्लाद सिन्हा को 30 किलोमीटर दूर स्थित घोसर्रा व मंडलाटोला में कार्य दिया गया है। इसके साथ ही पूरन पोर्ते, गब्बर महिलांग, छत्रपाल कश्यप, प्रताप मंडलोई सहित कई अन्य शिक्षकों की ड्यूटी 30 से 40 किलोमीटर दूर तक लगाया गया है। राष्ट्रीय कार्यक्रम के नाम से अपनाए जा रहे तानाशाही रवैये से शिक्षकों में आक्रोश बढता जा रहा है। इस संबंध में कलेक्टर को पत्र देकर मूल शाला से पांच किलोमीटर से अधिक दूरी पर लगाए गए शिक्षकों की जनगणना डयूटी को तत्काल संशोधित करने की मांग किया गया है।




