
कवर्धा – सरकारी दावों के विपरीत धान खरीदी व्यवस्था में किसानों के साथ लगातार अन्याय हो रहा है। तहसील कार्यालय, पटवारी, सहकारी समितियों और खाद्य शाखा के चक्कर काटते-काटते किसान परेशान हो चुके हैं।
किसानों का कहना है कि पटवारी द्वारा भौतिक सत्यापन किए जाने के बावजूद उनकी उपज को सहकारी समितियों में खरीदी के लिए स्वीकार नहीं किया जा रहा है। कभी दस्तावेजों की कमी तो कभी पोर्टल की गड़बड़ी बताकर किसानों को वापस लौटा दिया जाता है।
ग्रामीण क्षेत्रों से आए किसानों ने बताया कि कई दिनों से वे समितियों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक धान बेचने का अवसर नहीं मिल पाया है। इससे न केवल आर्थिक नुकसान हो रहा है, बल्कि किसानों को मानसिक परेशानी भी झेलनी पड़ रही है।
कृषक आईडी क्रमांक TF 5700520100343 ने बताया इसके पास 5 एकड़ खेत है किंतु पूरा टोकन नहीं कट पा रहा है जिससे यह परेशान हैं उक्त किसान ने बताया कि 20 क्विंटल धान एक टोकन काटकर बेचा गया दूसरा टोकन नहीं कट पा रहा है। जगह-जगह चक्कर काटने के बाद भी कोई समुचित जवाब नहीं मिल पा रहा है।
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि धान खरीदी प्रक्रिया को सरल बनाया जाए और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो, ताकि किसानों को समय पर उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके।




