
शिक्षक सुधारात्मक व्यवस्था के विरोधी नहीं, लेकिन बगैर वित्तीय सुरक्षा के थोपी गई व्यवस्था स्वीकार्य नहीं
कवर्धा – छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने विद्यालयों में मोबाइल नेट सुविधा व बायोमेट्रिक पंच मशीन उपलब्ध कराए जाने का मांग करते हुए कहा है कि स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा विद्या समीक्षा केंद्र के माध्यम से शिक्षकों की उपस्थिति मोबाइल एप से दर्ज कराने का निर्णय व्यवहारिक नहीं है। यह शिक्षकों की निजता एवं वित्तीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है। निजी मोबाइल के माध्यम से उपस्थिति लेना अत्यंत आपत्तिजनक है। इस संबंध में एसोसिएशन के प्रांतीय इकाई ने स्कूल शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव एवं लोक शिक्षण संचालनालय रायपुर के संचालक को पत्र भी प्रेषित किया है। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष डॉ. रमेश कुमार चन्द्रवंशी ने कहा कि शिक्षकों के निजी मोबाइल से शासकीय उपस्थिति दर्ज कराना निजता के अधिकार का उल्लंघन है। यदि शासन को बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू करना है, तो प्रत्येक विद्यालय में बायोमेट्रिक पंच मशीन एवं स्थायी इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मोबाइल एप से उपस्थिति लेने का आशय यह प्रतीत होता है कि शासन को अपनी निरीक्षण व्यवस्था पर भरोसा नहीं है। वहीं दूसरी ओर शासकीय कार्यों के लिए शिक्षकों को निजी मोबाइल का उपयोग करने के लिए विवश किया जा रहा है, जिससे उनके व्यक्तिगत डाटा की सुरक्षा गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। जिले में कई शिक्षक साइबर ठगी के शिकार हो चुके हैं। फर्जी डीपीआई अधिकारी, पुलिस अधिकारी या बैंक अधिकारी बनकर कॉल कर शिक्षकों को ठगने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ऐसे में निजी मोबाइल पर शासकीय एप का दबाव शिक्षकों को और अधिक वित्तीय जोखिम में डालता है। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष डॉ. रमेश कुमार चन्द्रवंशी, आसकरण धुर्वे, उग्रसेन चन्द्रवंशी, हेमलता शर्मा, रविन्द्र चन्द्रवंशी, केशलाल साहू, वकील बेग मिर्जा, बलदाऊ चन्द्राकर, गोकुल जायसवाल आदि पदाधिकारियों ने शासन से मांग किया है कि प्रत्येक विद्यालय में बायोमेट्रिक मशीन एवं इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराई जाए। शासकीय कार्य हेतु प्रत्येक स्कूल को एक लैपटॉप प्रदान किया जावे। टीचर्स एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि शिक्षक किसी भी सुधारात्मक व्यवस्था के विरोधी नहीं हैं, लेकिन बिना वित्तीय सुरक्षा व विश्वास के थोपी गई व्यवस्था स्वीकार्य नहीं है।




