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प्रायोगिक परीक्षा के बीच प्री-बोर्ड लेने का निर्देश, बोर्ड व शिक्षा विभाग में तालमेल के अभाव से विद्यार्थियों, पालकों व शिक्षकों का बढ़ा परेशानी

पाठ्यक्रम की पढ़ाई कब होगी 15 से 20 प्रतिशत बची 

 

कवर्धा – (03/01/2026 ) प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग के तहत लोक शिक्षण संचालनालय, छ्ग माध्यमिक शिक्षा मंडल व समग्र शिक्षा आते हैं। एक ही विभाग के अंतर्गत आने वाले इन तीनों राज्य स्तरीय कार्यालयों में तालमेल का अभाव स्पष्ट दिखाई दे रहा है। तालमेल के अभाव के कारण स्कूलों में पाठ्यक्रम पूर्णता व परीक्षा संचालन में जमीनी स्तर पर विद्यार्थियों, पालकों व शिक्षकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सामान्यतः हाई व हायर सेकेंडरी स्कूलों में कक्षा नवमीं से बारहवीं तक के पाठ्यक्रम निर्धारण व परीक्षा संचालन का दायित्व छ्ग माध्यमिक शिक्षा मंडल के अधीन होता है। माध्यमिक शिक्षा मंडल ही प्रायोगिक, प्रायोजना व वार्षिक परीक्षा संचालन के लिए समय सारणी भी जारी करता है। वर्तमान शिक्षा सत्र 2025-26 में बोर्ड ने एक से बीस जनवरी 2026 तक प्रायोगिक व प्रायोजना परीक्षा संचालित करने का निर्देश जारी किया है। इसी बीच लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ रायपुर ने पंद्रह जनवरी 2026 तक दसवीं व बारहवीं का प्री-बोर्ड परीक्षा सम्पन्न कराने का निर्देश दिया है। प्रायोगिक व प्रायोजना परीक्षा के दौरान ही प्री-बोर्ड परीक्षा के निर्देश से स्पष्ट है कि सीजीबीएसई व डीपीआई के बीच तालमेल का अभाव है। छ्ग टीचर्स एसोसिएशन ने प्रायोगिक व प्रायोजना परीक्षा सम्पन्न होने के बाद फरवरी में प्री-बोर्ड परीक्षा लेने की मांग किया है। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष डॉ. रमेश कुमार चन्द्रवंशी ने बताया कि सामान्यतः प्री-बोर्ड परीक्षा का आयोजन प्रायोगिक-प्रायोजना परीक्षा के बाद फरवरी में लिया जाता है। प्री-बोर्ड परीक्षा का आयोजन सौ फिसदी पाठ्यक्रम पूर्ण होने के बाद ही वार्षिक परीक्षा के ब्लू प्रिंट के अनुसार लिया जाता है। अभी अधिकांश हाई व हायर सेकेंडरी स्कूलों में अस्सी-पच्यासी प्रतिशत पाठ्यक्रम ही पूर्ण हुआ है। शेष बचे पंद्रह-बीस प्रतिशत पाठ्यक्रम की पढ़ाई जनवरी माह में पूर्ण होगा। इस प्रकार पूरे पाठ्यक्रम की पढ़ाई होने के बाद फरवरी में प्री-बोर्ड परीक्षा के आयोजन से विद्यार्थियों को वार्षिक परीक्षा के लिए तैयार होने का अवसर मिलेगा। पाठ्यक्रम पूर्ण हुए बगैर प्री-बोर्ड परीक्षा लिए जाने से उसके उद्देश्य की पूर्ति नहीं हो पाएगा। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष डॉ. रमेश कुमार चन्द्रवंशी, आसकरण धुर्वे, उग्रसेन चन्द्रवंशी, केशलाल साहू, वकील बेग मिर्जा, बलदाऊ चन्द्राकर, गोकुल जायसवाल, रविन्द्र चन्द्रवंशी, हेमलता शर्मा आदि पदाधिकारियों ने प्रायोगिक-प्रायोजना परीक्षा पश्चात पूरे पाठ्यक्रम की पढ़ाई होने के बाद फरवरी माह में प्री-बोर्ड परीक्षा आयोजित करने की मांग किया है।

 

कबीरधाम में अर्धवार्षिक परीक्षा में विलंब से स्थिति खराब

कबीरधाम को छोड़कर प्रदेश के सभी जिले में अर्धवार्षिक परीक्षा का आयोजन शीतकालीन अवकाश के पहले विगत बीस दिसम्बर तक सम्पन्न करा लिया गया है। छ्ग राज्य बनने के बाद पहला अवसर है, जिसमें कबीरधाम जिले में अर्धवार्षिक परीक्षा का आयोजन शीतकालीन अवकाश के बाद भी लिया गया। इतना ही नहीं इस समय-सारणी में पुनः संशोधन कर दिसम्बर के आखिरी सप्ताह में होने वाले परीक्षा को एक से पांच जनवरी 2026 तक कर दिया गया। डीईओ कार्यालय ने समय-सारणी में संशोधन का कोई स्पष्ट कारण भी नहीं बताया। इस प्रकार अर्धवार्षिक परीक्षा का आखिरी पेपर पांच जनवरी को सम्पन्न होगा। अर्धवार्षिक परीक्षा के चलते जिले के किसी भी स्कूल में प्रायोगिक व प्रायोजना परीक्षा की शुरुवात नहीं हो पाया है।

 

इस बार वार्षिक परीक्षा दस दिन पहले

एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष डॉ. रमेश कुमार चन्द्रवंशी ने बताया कि विगत वर्षों में दसवीं व बारहवीं की वार्षिक परीक्षा सामान्यतः एक मार्च से प्रारम्भ होते आया है, लेकिन वर्तमान शिक्षा सत्र 2025-26 में वार्षिक परीक्षा दस दिन पहले बीस फरवरी से ही प्रारम्भ होने जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारी के लिए कम समय मिलेगा।

 

प्रायोगिक परीक्षा में एक शिक्षक की ड्यूटी तीन-चार स्कूलों में

प्रायोगिक परीक्षा का आयोजन बाह्य परीक्षक द्वारा लिया जाता है। प्रत्येक स्कूल में प्रायोगिक परीक्षा के संचालन के लिए बाह्य परीक्षक की नियुक्ति छ्ग माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा किया गया है। कई बाह्य परीक्षकों की ड्यूटी तीन-चार स्कूलों में लगाया गया है, जिससे उन्हें अलग-अलग स्कूलों से समय तय कर प्रायोगिक परीक्षा का संचालन करना होता है। प्रायोगिक परीक्षा को बीस जनवरी तक सम्पन्न करने का डेड लाइन तय है। इसी बीच प्री-बोर्ड लिए जाने से प्रायोगिक परीक्षा के संचालन में कठिनाई होगा। साथ ही लगतार परीक्षा से विद्यार्थियों को भी परेशानी होगा।

 

ऑनलाइन कार्य से शिक्षकों की परेशानी बढ़ा

वर्तमान शिक्षा सत्र में ऑनलाइन कार्यों में एकाएक इजाफा होने से शिक्षकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऑनलाइन कार्य के चलते कई दिन शिक्षक कक्षा में अध्यापन भी नहीं करा पाते हैं। वैसे भी इस वर्ष एसआईआर में कई शिक्षकों की ड्यूटी के कारण स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हुआ है।

Paras Sharma

पारस शर्मा, संपादक , मोबाइल - +91 9993390279 , ईमेल - kawardhatimescg@gmail.com

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