अपना जिलाकवर्धा

जिले में अब तक 76 हजार 795 स्मार्ट मीटर लगाये जा चुके

 

कवर्धा (30 दिसम्बर 2025) – विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार के द्वारा जारी विद्युत (उपभोक्ताओं के अधिकार) नियमन 2020, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के द्वारा जारी मीटरिंग कोड एवं छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा बनाये गये नियमों के पालन में सभी घरेलू, गैर घरेलु एवं शासकीय विभाग के कनेक्शनों में (कृषि पंपों को छोड़कर) के पुराने मीटरों को स्मार्ट मीटरों से बदला जा रहा है। यह कार्य भारत सरकार और राज्य सरकार के संयुक्त निर्देशों पर आरडीएसएस योजना के अंतर्गत किया जा रहा है। इस स्कीम के तहत कबीरधाम जिलें में 76796 स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। स्मार्ट मीटर लगने के साथ ही उपभोक्ताओं को मोर बिजली एप के माध्यम से हर आधे घंटे की खपत का रिकॉर्ड मिलने लगा है।
विद्युत विभाग ने स्मार्ट मीटर के फायदे बताते हुए कहा है कि स्मार्ट मीटर से रियल टाइम डेटा प्राप्त किया जा सकता है, जिससे उपभोक्ताओं को सटीक और समय पर बिलिंग सुनिश्चित की जा रही है। जिससे उपभोक्ताओं की बिलिंग एवं रीडिंग संबंधी शिकायत दूर हो रही है और उपभोक्ता संतुष्ट हैं। पावर कंपनी ने बताया कि ऊर्जा खपत की गणना की दृष्टि से दोनों मीटर एक ही है। परंतु स्मार्ट मीटर की खासियत यह है कि यह पारदर्शिता के साथ सूचना आदान-प्रदान करने की क्षमता रखता है। जिससे आपके बिजली बिल खपत की सारी जानकारी आपको मोबाईल फोन पर मोर बिजली एप के माध्यम से प्राप्त हो जाएगी। गौरतलब है कि जहां-जहां स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, वहां पर बिलिंग और रीडिंग सही समय पर हो रही है।
कवर्धा वृत्त के अंतर्गत विभागीय संभाग कवर्धा में 57261, पंडरिया संभाग में 19534 इस प्रकार कबीरधाम जिले में कुल 76795 घरेलू, गैर घरेलू एवं शासकीय विभाग के कनेक्शनों में स्मार्ट मीटर स्थापित किए जा चुके हैं।
कंपनी ने कहा है कि स्मार्ट मीटर लगने से उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं मिलेंगी एवं सटीक बिलिंग और ऊर्जा दक्षता में सुधार होगा। स्मार्ट मीटर लगाने का काम समय सीमा में पूर्ण करने के लिए कंपनी की टीमें लगातार कार्य में जुटी हुई हैं।

विद्युत कंपनी कवर्धा वृत्त के अधीक्षण अभियंता रंजीत घोष ने बताया ने बताया कि स्मार्ट मीटर लगवाने के लिए उपभोक्ताओं से कोई भी शुल्क नहीं लिया जा रहा है। विभागीय संभाग कवर्धा एवं पंडरिया में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य जीनस कंपनी द्वारा किया जा रहा है, जिनके कर्मचारी यूनिफार्म एवं विद्युत विभाग के प्राधिकृत अधिकारी द्वारा हस्ताक्षरित आईकार्ड के साथ कार्यालयीन समय में मीटर लगाने का कार्य करते हैं। किसी भी उपभोक्ताओं को इन कर्मचारियों से कोई भी शिकायत हो तो संबंधित जोन या वितरण केंद्र के अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं।
अधीक्षण अभियंता श्री घोष ने बताया कि विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार के द्वारा जारी विद्युत (उपभोक्ताओं के अधिकार) नियमन 2020 के तहत केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा लिए गये निर्णय के तारतम्य में चरणबद्ध तरीके से पुराने इलेक्ट्रिकल मीटर को स्मार्ट मीटर से बदलना है। अतः सभी उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर लगाना अनिवार्य है। मीटर बदलने के कारण अधिक बिल आने का कोई सवाल ही नहीं है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार नई तकनीकों के माध्यम से आप अपने बैंक अकाउंट का संचालन घर बैठे ही मोबाईल फोन के माध्यम से कर सकते हैं, इसके लिए आपको बैंक जाने की जरुरत नहीं पड़ती ठीक उसी प्रकार अब उपभोक्ता अपने विद्युत मीटर का संचालन, खपत एवं बीलिंग की सटीक एवं सहीं जानकारी की सुविधा मोबाईल पर ही प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सीएसपीडीसीएल अपने सभी उपभोक्ताओं के परिसर में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य त्वरित गति से कर रही है।

Paras Sharma

पारस शर्मा, संपादक , मोबाइल - +91 9993390279 , ईमेल - kawardhatimescg@gmail.com

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