
श्रवण अग्रवाल का गलत पदोन्नति हुआ निरस्त
कवर्धा – शिक्षा विभाग को सभी के द्वारा सम्मान दिया जाता है, क्योंकि इसी विभाग से नियंत्रित शिक्षा के मंदिर अर्थात स्कूलों से शिक्षा प्राप्त कर व्यक्ति विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ते हैं। इस विभाग से शुचिता की अपेक्षा किया जाता है, लेकिन जिले के शिक्षा विभाग के हेड ऑफिस जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में वर्तमान में जिस प्रकार से गतिविधियाँ संचालित हो रहा है, उससे जिले के साख पर विपरीत असर पड़ रहा है। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदस्थ एक कर्मचारी एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदस्थ एक कर्मचारी के पांच साल पहले हुए पदोन्नति को गलत होने के कारण कुछ दिन पहले ही निरस्त किया गया था। इसके बाद सभी को अपेक्षा था कि शिक्षा विभाग के बड़े कार्यालय से इस गलती की पुनरावृत्ति नहीं किया जाएग, लेकिन जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने गलती से सीख लेने के बजाय उसी गलती की फिर से पुनरावृत्ति कर दिया है। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने विगत 17 दिसंबर 2025 को अपने ही ऑफिस में सहायक ग्रेड-2 के पद पर पदस्थ श्रवण कुमार अग्रवाल को नियम विरुद्ध वरिष्ठ लेखा परीक्षक के पद पर पदोन्नति दे दिया है। इस गलती का अहसास होने पर पदोन्नत कर्मचारी श्रवण कुमार अग्रवाल के पद पर कार्यभार ग्रहण नहीं करने का बहाना बनाते हुए उनके पदोन्नति आदेश को जिला शिक्षा अधिकारी ने 22 जनवरी 2026 को निरस्त भी कर दिया है। अब प्रश्न उठता है कि शिक्षा विभाग में यह खेल आखिर कब तक जारी रहेगा? छ्ग टीचर्स एसोसिएशन ने शिक्षा विभाग की छवि को धूमिल करने वाले इस कृत्य की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोर कार्यवाही करने की मांग किया है। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष डॉ. रमेश कुमार चन्द्रवंशी ने कहा कि जिला शिक्षा विभाग में कुछ दिनों से जिस प्रकार की खबरें बाहर आ रहा है, वह शिक्षा विभाग की छवि को धूमिल करने वाला है, इस खेल का पर्दाफाश आवश्यक है, ताकि ऐसे कृत्य की पुनरावृत्ति न हो सके। इसके लिए अविलम्ब जांच आवश्यक है। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष डॉ. रमेश कुमार चन्द्रवंशी, हेमलता शर्मा, रविन्द्र चन्द्रवंशी, केशलाल साहू, वकील बेग मिर्जा, बलदाऊ चन्द्राकर, गोकुल जायसवाल, उग्रसेन चन्द्रवंशी, सुरतिया साहू, देवानंद चन्द्रवंशी, राजेश तिवारी, मनोज चन्द्रवंशी, जोहन पुनाचा, दुर्गा चन्द्रवंशी, वंदना तागड़े, गणेश कुर्रे, उमेश चन्द्रवंशी, धरमप्रकाश मिश्रा, प्रकाश चन्द्रवंशी, राजू वर्मा, नागेश्वर लोनिया, सुरेंद्र शर्मा, जयप्रकाश चन्द्रवंशी आदि का स्पष्ट कहना है कि विभाग की छवि को धूमिल होने से बचाने के लिए शीघ्र ही जांच कमेटी गठित नहीं होने पर कड़े कदम उठाने बाध्य होना पड़ेगा।
पदोन्नति समिति में नियम विरुद्ध सदस्य शामिल
प्राप्त जानकारी के अनुसार श्रवण कुमार अग्रवाल के पदोन्नति के लिए गठित पदोन्नति समिति में नियम से हटकर सदस्य शामिल किया गया। यह भी जांच का विषय है, क्योंकि पदोन्नति समिति के सदस्य छ्ग शासन द्वारा जारी राजपत्र के अनुसार पहले से ही तय रहते हैं।
कार्यालय में पदस्थापना के छः माह में ही मिला पदोन्नति
कर्मचारियों को अपनी पदोन्नति के लिए सालों-साल इंतजार करना पड़ता है, लेकिन ताज्जुब की बात यह है कि सहायक ग्रेड-2 श्रवण कुमार अग्रवाल, आज से एक साल पहले ही जून-2025 में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में स्थानांतरण से पदस्थ हुआ और उसके छः माह बाद अर्थात 17 दिसंबर 2025 को ही पदोन्नति भी मिल गया। आखिर विभाग की इतनी मेहरबानी कैसे?
स्थापना शाखा का प्रभारी भी स्वयं
यह भी ताज्जुब की बात है कि जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जिस स्थापना शाखा से पदोन्नति की प्रक्रिया आगे बढ़ता है, उसका प्रभारी भी नियमविरुद्ध पदोन्नति से लाभान्वित होने वाले श्रवण कुमार अग्रवाल ही हैं।




