

कवर्धा – विगत दिनों प्रदेश के ख्याति प्राप्त साहित्यकार लोकप्रिय कवि पद्मश्री सुरेन्द्र दुबे जी का हृदय गति रुकने से आकस्मिक निधन हो गया, जिससे देश प्रदेश भर के साहित्यकार शोक प्रकट करते हुए उन्हें अपना श्रद्धा सुमन अर्पित कर रहे है, इसी क्रम में कवर्धा राजभाषा आयोग जिला समिति और कवर्धा साहित्यकार समिति से साझा श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन रखा,जिसमे सभी जिले के साहित्यकार उपस्थित होकर दुबे जी के चैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके जीवनी पर प्रकाश डाल अपने अपने विचार रखते हुए उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
शहर के वरिष्ठ साहित्यकार गणेश सोनी प्रतीक ने उनके साथ बिताये पलो को साझा किया, साहित्यकार नीरज मंजीत जी ने बताया सुरेन्द्र दुबे जी का प्रभाव अमेरिका तक था, अमेरिका में लोग छतिसगाढ़ी का सम्मान करते थे इसका कारण दुबे जी का साहित्य का विस्तार था, साहित्यकार आदित्य श्रीवास्तव जी ने कहा दुबे जी न केवल साहित्यकार थे बल्कि राज्य में अमूल्य धरोहर थे जिन्हे राज्य गौरव के रूप में सदैव जाना जाएगा, साहित्यकार कौशल साहू ” लक्ष्य ” ने कहा की दुबे जी साथ उनका लगभग दो दशकों से रिश्ता रहा है उनका साथ उन्हें सदैव प्रेरित करता था उनका छत्तीसगढ़ भाषा के प्रति अटूट लगाव था और राज्य भाषा को लोकप्रिय करने में उनका महत्वपूर्ण योगदान है, संचालन कर रहे युवा साहित्यकार अभिषेक पाण्डेय ने कहा की कवर्धा से सुरेन्द्र दुबे का अत्यंत प्रेम था उनके पारिवारिक संबंध के साथ यहां के कार्यक्रम की सफलता और उनके चाहने वालों की भीड़ उन्हें अलग ही जुगाड़ प्रदान करता था, दुबे जी प्रदेश के नए साहित्यकारों को कवि सम्मेलन और साहित्य से सदैव जोड़ते रहे और उनका चले जाना एक अपूर्णीय क्षति है जो कभी भरा नही जा सकता, साहित्यकार शिक्षक प्रेमिश शर्मा ने कहा दुबे जी हम युवा साहित्यकारों के मार्गदर्शक थे उनका सानिध्य मिलना सदैव यादो में रहेगा, श्रद्धांजलि कार्यक्रम में अनूप श्रीवास्तव,प्रबुद्ध शर्मा,अजय बांगड़े, ,बृजकिशोर पाण्डेय, अजय चंद्रवंशी,सुनील गुप्ता, हरनदास मानिकपुरी,खिलेश बंजारे,सागर मानिकपुरी,,अंकुर गुप्ता,परासमणी शर्मा, वीरेंद्र चंद्रवंशी, योगेंद्र दास,रोशन चंद्रवंशी,एवं अन्य की उपस्थिति रहीं




