अपना जिलाकवर्धा

3 माह से बंद अंशकालिक शाला संगवारी योजना, छले जा रहे है विशेष पिछडी जनजाति के युवा बेरोजगार 

0 डीएमएफ से संचालित होती है योजना

कवर्धा – विगत तीन माह से विशेष पिछड़ी जनजाति के युवा बैगाओ को छला जा रहा है शासन प्रशासन के गलत नीतियों के कारण बैगा आदिवासी युवा छले जा रहे हैं आपको बता दें कि तीन माह से अंशकालीन शाला संगवारी कार्यक्रम जिले में बंद है। डीएमएफ के द्वारा संचालित जिला शिक्षा अधिकारी के द्वारा संचालन किया जाता है। अंशकालिक शाला संगवारी कार्यक्रम मे विशेष पिछड़ी जनजाति के बैगा युवा प्राथमिक शाला एवं पूर्व माध्यमिक शाला में बच्चों को पढाते हैं एवं बैगा बच्चों को शाला संगवारी के द्वारा शिक्षा दीक्षा दी जाती है साथ ही साथ बैगा बस्ती, बैगा टोला, मजरा में इनकी सेवाएं ली जा रही है किंतु तीन माह से यह सेवा बंद है पड़ी हुई है जिसके कारण बेरोजगार विशेष पिछड़ी जनजाति के बैगा युवक परेशान है साथ ही साथ यह भी बात इनके द्वारा बताई गई है कि इन्हें पूर्णकालिक शिक्षक बना दिया जाए ताकि भविष्य भी सुधर जाएगा। कबीरधाम जिले में विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा युवाओं को उनके जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए शासन प्रशासन के द्वारा साला संगवारी योजना चलाई गई थी इसमें बैग युवा अपने ही क्षेत्र के बच्चों को प्राथमिक शाला एवं पूर्व माध्यमिक शाला में शिक्षा दे रहे हैं अंशकालिक शाला संगवारी योजना के तहत जिले में 65 युवाओं को शासन नियुक्ति दी गई यह नियुक्ति जिला शिक्षा अधिकारी कबीरधाम के द्वारा प्रमाण पत्र के माध्यम से दी गई अंशकालिक शाला संगवारी 3 माह से इन बैगा युवको शाला मे पढाने नही दिया जा रहा है। विशेष पिछडी जनजाति बैगा समुदाय के युवाओ को विगत तीन माह से मानदेय भी नही मिला है।डीएमएफ – 2019 – 20 से यह योजना चल रही है प्रतिवर्ष इन बैगा युवाओं को नियुक्ति प्रमाणपत्र जिला शिक्षाधिकारी के माध्यम से जारी की जाती है। बेरोजगार बैगा युवकों को मानदेय के रुप मे 8 – 10 हजार रुपये प्रतिमाह प्रदान की जाती है। खनिज न्यांस मद को शिक्षाधिकारी के माध्म से प्रदत्त की जाती है।जिले मे कुल 62 अंशकालिन शाला संगवारी है। जिसमे से पंडरिया विकासखंड के 33 एवं बोडला विकासखंड के 29 विशेष पिछडी जनजाति के युवा सेवा दे रहे है। बैगा यूवको का शोषण भी हो रहा है 12 वीं कक्षा पास हुए इन युवको को महज 8 से ₹10 हजार मानदेय प्रतिमाह के दर पर महीना भर का कार्य लिया जा रहा है विशेष पिछड़ी जनजाति के युगों का कहना है कि इन्हें पूर्ण कालिक शिक्षक बना दिया जाए ताकि वह अपना जीवन स्तर सुधारने एवं बैगा बस्ती में बच्चों को शिक्षा दीक्षा दे सकें। कबीरधाम जिला शिक्षा अधिकारी योगेंद्र साहू का कहना है कि जिला कलेक्टर के अप्रूवल नहीं होने के कारण उनकी काउंसलिंग बंद थी अब यह योजना पुनः चालू की जा रही है

Paras Sharma

पारस शर्मा, संपादक , मोबाइल - +91 9993390279 , ईमेल - kawardhatimescg@gmail.com

Paras Sharma

पारस शर्मा, संपादक , मोबाइल - +91 9993390279 , ईमेल - kawardhatimescg@gmail.com

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!